पिछले कुछ महीनों से यूपी भाजपा में अध्यक्ष पद को लेकर मंथन चल रहा है। 11 दिसंबर को भूपेंद्र सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो इसकी पुष्टि करती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “चौधरी जी का कार्यकाल सफल रहा है। 2022 विधानसभा चुनावों में उनकी रणनीति ने योगी आदित्यनाथ सरकार की वापसी सुनिश्चित की। हाईकमान फिर से अनुभवी चेहरे पर दांव लगाने को तैयार है।” चौधरी, जो 2022 से पद पर हैं, ने पार्टी को संगठनात्मक रूप से मजबूत किया और ओबीसी वोट बैंक को साधने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, कुछ नामों की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (2022) और केशव प्रसाद मौर्य (2017) की तरह, पार्टी फिर ओबीसी चेहरे पर फोकस कर सकती है। संभावित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह (राज्य महामंत्री संगठन) और दिनेश शर्मा (पूर्व अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य) के नाम प्रमुख हैं। एक अन्य स्रोत ने कहा, “पार्टी ऊपरी जाति के चेहरे पर भी विचार कर रही है, जैसे बस्ती से सांसद हरिश द्विवेदी। लेकिन 2027 चुनावों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी फोकस ज्यादा मजबूत है।” भाजपा ने हाल ही में 14 नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की, जिसमें जातिगत संतुलन बनाए रखा गया – सात सामान्य, छह पिछड़े और एक एससी से।
यह बदलाव राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डालेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए कम से कम 50 प्रतिशत राज्य इकाइयों में चुनाव अनिवार्य हैं। यूपी, देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते, इस प्रक्रिया का केंद्र बिंदु है। 3 दिसंबर को पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष की बैठक में यूपी अध्यक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल पर चर्चा हुई। आरएसएस और भाजपा के बीच 1 दिसंबर को लखनऊ में भी समन्वय बैठक हुई, जिसमें यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक शामिल थे।
पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नई टीम संगठन को और मजबूत करेगी। 2027 चुनावों में हम फिर ऐतिहासिक जीत दोहराएंगे।” विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की है, लेकिन भाजपा का दावा है कि यह बदलाव कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा। सोशल मीडिया पर #UPBJPNewPresident ट्रेंड कर रहा है, जहां फैंस चौधरी के नाम का समर्थन कर रहे हैं।
क्या हाईकमान चौधरी को ही बरकरार रखेगा या सरप्राइज देगा? आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। यह नियुक्ति न सिर्फ यूपी की सियासत, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा देगी। भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं, और 2027 की जंग की तैयारियां जोरों पर हैं।
लेखक: देश दर्पण संपादकीय टीम (हम न नफरत फैलाते हैं, न नजरें फेरते हैं – सिर्फ सच दिखाते हैं)