ओस्लो (नॉर्वे): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान एक बार फिर उनकी प्रेस से बचने की पुरानी आदत सामने आ गई। नॉर्वेजियन पत्रकार हेली लिंग ने मोदी से सवाल पूछा तो वे कोई जवाब दिए बिना चुपचाप आगे बढ़ गए।
जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के बाद जब मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री बाहर निकल रहे थे, तभी हेली लिंग ने तेज आवाज में पूछा —
“प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे आजाद प्रेस से कुछ सवाल क्यों नहीं लेते?
”मोदी ने न तो सवाल का जवाब दिया और न ही उसकी तरफ देखा। वे सीधे आगे बढ़ गए। यह पूरा वाकया वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विपक्ष का तीखा हमला
इस घटना पर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस, AAP और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि यह घटना साफ दिखाती है कि प्रधानमंत्री मोदी सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं रखते।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “मोदी जी दुनिया भर में भाषण देते हैं, ‘विश्व गुरु’ बनने का दावा करते हैं, लेकिन अपने देश की प्रेस से सवाल सुनने की भी ताकत नहीं है। यह उनकी प्रेस विरोधी सोच को उजागर करता है।
”प्रेस फ्रीडम पर सवाल
विपक्ष का आरोप है कि पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने प्रेस की स्वतंत्रता को लगातार कुचला है। कई स्वतंत्र पत्रकारों, न्यूज चैनलों और यूट्यूबर्स पर ED, CBI और IT रेड पड़ चुकी हैं। आलोचना करने वालों को “देश विरोधी” बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
विश्व प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की रैंकिंग लगातार गिर रही है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में भारत को प्रेस के लिए “खतरनाक” देशों की सूची में रखा गया है।
हेली लिंग का बयान
नॉर्वेजियन पत्रकार हेली लिंग ने बाद में कहा कि “सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना हर पत्रकार का कर्तव्य है।” उन्होंने भारत में प्रेस की स्थिति पर चिंता भी जताई।
सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद #ModiAvoidsPress, #HelleLing और #PressFreedomIndia जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग खुलकर पूछ रहे हैं — अगर सरकार के पास इतनी उपलब्धियाँ हैं तो प्रेस से सवाल क्यों डरते हैं?
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रधानमंत्री मोदी तैयार भाषण और स्टेज शो को ज्यादा पसंद करते हैं, जबकि असहज सवालों से बचते हैं।